विश्व मातृभाषा दिवस

विश्व मातृभाषा दिवस (21 फ़रवरी)

आज 21 फ़रवरी यानी की विश्व मातृभाषा दिवस के अवसर पर आपको हार्दिक शुभकामनाएँ एवं आनंद। मातृभाषा पर सभी को गर्व होना चाहिए। क्योंकि जिस भाषा को हम आसानी से समझ सकते हैं, जिस भाषा में समस्या का समाधान जल्दी हो सकता है और जिस भाषा में हम सोच सकते हैं, उसके प्रति सम्मान रखना आत्म-सम्मान की बात है। अत: छाती ठोककर कहना चाहिए कि हाँ, यह मेरी मातृभाषा है!

यह सीखने या सिखाने के बारे में है, यह समझने या समझाने के बारे में है, यह आचरण करने या आचरण कराने के बारे में है! विशेष रूप से यह मेरे प्रश्न के बारे में है और आपके उत्तर के बारे में! यदि आप सामने वाला क्या सोचेगा उसकी चिंता करे बिना मातृभाषा में बोल सकते हैं, तो आपने दुनिया जीत ली है!

मैं हा यह भी नहीं कह रहा हूं कि दूसरी भाषा का विरोध या बहिष्कार किया जाना चाहिए, बल्कि जब तक अपनी 'मां' जीवित है तो वह अपनी सौतेली मां की पूजा कैसे कर सकता है? ये तो वही बात हो गई कि मंदिर में बैठी 'माँ' को चुंदड़ी देनी और जन्म देने वाली 'माँ' को दुर्भाग्य से एक एक साड़ी भी नहीं देनी! मेरा तो यही मानना ​​है कि जब तक 'मां' का दूध मायने रखता है, तब तक दूध की थैलियो का सहारा नहीं लेना चाहिए। यदि आप पाउडर मिश्रण पीना चाहते हैं तो मैं यह कहने वाला कौन होता हूं?

मुझे उस भाषा का कर्ज चुकाना होगा जिसने मुझे बड़ा किया! अगर हम किसी का एहसान भूल जाएं तो उससे बड़ा 'कृतघ्न' कौन हो सकता है!

जो जीवन भर किए गए उपकारों को याद रखता है वह 'कृतज्ञ' है और जो किए गए उपकारों को भूल जाता है वह 'कृतघ्न' है।

कौन परवाह करता है कि 'कृतज्ञ' होना चाहिए या 'कृतघ्न'?

जिस भाषा ने मुझे सपने दिए हैं, स्वतंत्र विचार दिए हैं, बिना बंधन का बंधन दिया है और फूल से भी कोमल रिश्ते दिए हैं, उसे मैं क्यों भूलूं प्रिये!

जन्म के बाद जब भी हम बोलना शुरू करते हैं और तब हमारे मुंह से जो शब्द निकलता है वह हमारी मातृभाषा होती है! मैंने कई बार पढ़ा है और घर के लोगों से सुना है कि मेरे मुँह से 'माँ' शब्द निकला। इसलिए मुझे अपनी माँ और मातृभाषा दोनों के प्रति अत्यधिक प्रेम और स्नेह है। मेरे मुख से जो पहला शब्द निकला वह 'माँ' था और जो अंतिम शब्द निकला वह 'कृष्ण' था! ये दोनों किरदार ऐसे हैं जो खुद से ज्यादा दूसरों के लिए जिए हैं। एक अपने बच्चों के लिए और दूसरा इस दुनिया के लिए!

एक बार फिर आप सभी को मातृभाषा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ और प्यार



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