सारा तेंदुलकर ने 'टुगेदर फाउंडेशन' के नए आउटलेट्स का अनावरण कर एक दशक पुराने सपने को साकार किया

मुंबई, 30 जुलाई 2025 मुंबई के प्रमुख स्थानों में से एक अंधेरी में बुधवार को खेल और कल्याण की पैरोकार व उद्यमी सारा तेंदुलकर ने 'टुगेदर फाउंडेशन' के दो नए व्यावसायिक दुकानों का उ‌द्घाटन किया, जिससे पूरे वातावरण में उत्साह और उमंग भर गया। यह आयोजन मुंबई स्थित इस गैर-लाभकारी संस्था के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जिसने ऑटिज्म और अन्य बौ‌द्धिक अक्षमताओं से ग्रस्त वयस्कों के लिए एक वास्तविक खुदरा वातावरण बनाने के अपने दस साल पुराने सपने को पूरा किया। इन दोनों दुकानों के साथ, फाउंडेशन के हाल ही में जीर्णोद्धार किए गए परिसर का भी उ‌द्घाटन किया गया।

बेकरी में बने खाद्य उत्पाद बेचे जाएंगे

ये नई दुकानें फाउंडेशन की संरक्षित कार्यशाला का विस्तार हैं, जो लाभार्थियों को प्रशिक्षण और रोजगार प्रदान करती हैं। एक दुकान में फाउंडेशन की अपनी FSSAI-प्रमाणित बेकरी में बने खाद्य उत्पाद बेचे जाएंगे, जबकि दूसरे आउटलेट में हस्तनिर्मित वस्तुओं, जैसे कागज़ और कपडे के बैग, पाउच और त्योहारों से संबंधित विभिन्न उत्पाद उपलब्ध होंगे। बिक्री से होने वाली सभी आय सीधे इन उत्पादों को बनाने वाले वयस्कों के वजीफे में जाती है।

यह उ‌द्घाटन उस यात्रा का एक उत्सव था जो 2015 में सड़क पर एक छोटी सी खिड़की से उत्पाद बेचने के साथ शुरू हुई थी। अब ये पूर्ण विकसित दुकानें वयस्कों को मूल्यवान खुदरा कौशल सीखने और ग्राहकों को उनकी प्रतिभा की विस्तृत श्रृंखला देखने का अवसर प्रदान करती हैं।

ये स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और जोश का प्रवेश द्वार हैं: सारा तेंदुलकर

इस अवसर पर बोलते हुए, सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन की निदेशक सारा तेंदुलकर ने कहा, "मैं अपनी माँ, डॉ. अंजलि तेंदुलकर, जो कि एक ट्रस्टी हैं, के माध्यम से टुगेदर फाउंडेशन के अविश्वसनीय काम के बारे में सालों से जानती हूँ। शिक्षकों, माता-पिता और विशेष रूप से यहां काम करने वाले प्रतिभाशाली लोगों का समर्पण देखना वास्तव में प्रेरणादायक है। ये नई दुकानें सिर्फ एक खुदरा स्थान से कहीं बढ़कर हैं; ये स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और जोश का प्रवेश द्वार हैं। मुझे उम्मीद है कि यह एक बड़े और साहसिक सपने की दहलीज बनेगा।"

हमारा लक्ष्य एक आयु-उपयुक्त वातावरण प्रदान करना है

टुगेदर फाउंडेशन की संस्थापक और ट्रस्टी संगीता चक्रपाणि ने कहा, "यह हमारे शुरुआत से ही एक सपना रहा है। हमारा लक्ष्य एक आयु-उपयुक्त वातावरण प्रदान करना है जहां हमारे वयस्क सीख सकें, काम कर सकें, कमा सकें और अधिकतम स्वतंत्रता का जीवन जी सकें। ये दुकानें उस दृष्टिकोण की एक गौरवपूर्ण प्राप्ति हैं। इस मील के पत्थर का जश्न मनाने में हमारे साथ जुड़ने के लिए हम सारा तेंदुलकर के बेहद आभारी हैं।"

किशोरों और वयस्कों के लिए एक संरक्षित कार्यशाला प्रदान करता है

टुगेदर फाउंडेशन, जिसकी स्थापना 2015 में संगीता और वी. चक्रपाणि ने की थी, जिनकी दो बेटियाँ ऑटिज्म से ग्रस्त हैं, एक पंजीकृत सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट है जो विशेष आवश्यकताओं वाले किशोरों और वयस्कों के लिए एक संरक्षित कार्यशाला प्रदान करता है। यह कोई स्कूल नहीं है, बल्कि सीखने, काम करने, कमाने और अधिकतम स्वतंत्रता का जीवन जीने का एक स्थान है। फाउंडेशन की यात्रा को डॉ. वाई. के. अम्देकर और डॉ. अंजलि तेंदुलकर ने अपनी स्थापना से ही समर्थन दिया, जिनके विश्वास और मार्गदर्शन ने संगठन को उसके शुरुआती वर्षों में आगे बढ़ने में मदद की।

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